हल्द्वानी। उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस द्वारा मास्टर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस के शिक्षार्थियों के लिए लाइब्रेरी ऑटोमेशन एवं सूचना प्रौद्योगिकी (प्रायोगिक) विषय पर 10 दिवसीय ऑफलाइन कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।
इस कार्यशाला का में शिक्षार्थियों को सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी तथा आधुनिक पुस्तकालय स्वचालन प्रणालियों का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जा रहा है। कार्यशाला के अंतर्गत शिक्षार्थियों को KOHA, SOUL, DSpace तथा Website Designing जैसे आधुनिक लाइब्रेरी ऑटोमेशन एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
कार्यशाला के प्रथम तकनीकी सत्र में आज हेमवती नंदन बहुगुणा के उप पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. हर सिंह बिष्ट ने उत्तराखण्ड द्वारा KOHA लाइब्रेरी मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर पर विस्तृत व्यावहारिक व्याख्यान दिया गया। सत्र के प्रथम दिन डॉ. बिष्ट द्वारा KOHA के फीचर्स एवं मूलभूत अवधारणाओं (Basics of KOHA) की जानकारी दी गई, साथ ही KOHA सॉफ्टवेयर की इंस्टॉलेशन प्रक्रिया को चरणबद्ध रूप से समझाया गया, जिससे शिक्षार्थियों को इसके व्यावहारिक उपयोग की स्पष्ट समझ प्राप्त हुई।
आगामी सत्रों में शिक्षार्थियों को SOUL लाइब्रेरी सॉफ्टवेयर, DSpace डिजिटल रिपॉजिटरी तथा वेबसाइट डिज़ाइनिंग से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षा के प्रसार के लिए पुस्तकालय का होना आवश्यक है। उच्च शिक्षा में सतत प्रवाहपूर्ण पुस्तकालय का संचालन उच्च शिक्षा को गति प्रदान करता है। पुस्तकालय हमारे विवेक और शिक्षा को निर्मित करता है। आधुनिक नवाचारों के प्रयोग से पुस्तकालय आधुनिक और प्रयोग में सहज हुए हैं।
इस अवसर पर स्कूल ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस के निदेशक प्रो. अरविन्द भट्ट की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का समन्वय प्रीति शर्मा ने किया। साथ ही डॉ. राकेश पंत एवं मनोज पाण्डेय भी कार्यक्रम में सहभागी रहे।
कार्यशाला में बड़ी संख्या में पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के शिक्षार्थी उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। यह कार्यशाला शिक्षार्थियों की तकनीकी दक्षता, व्यावहारिक कौशल एवं रोजगारोन्मुख क्षमता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।








