पंतनगर। आज गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक खेल प्रांगण में “उत्तराखंड अंतर-विश्वविद्यालय खेलकूद प्रतियोगिता” का भव्य और गरिमामयी शुभारंभ हुआ।
समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि, उत्तराखंड के राज्यपाल (Lt. Governor) गुरमीत सिंह जी द्वारा दीप प्रज्वलन और खेल ध्वज फहराकर किया गया।
इस गौरवशाली अवसर पर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (UOU) ने प्रथम बार प्रतिभा किया। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डा खेमराज भट्ट उपस्थित रहे। उनके साथ विश्वविद्यालय के टीम मैनेजर के रुप प्रो. कमल देवलाल, डॉ. राजेश मठपाल, डॉ. मीनाक्षी राणा और डॉ. दीपक शर्मा भी उपस्थित रहे, प्रथम प्रतियोगिता में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के 20 छात्रों ने प्रतिभा किया जिन्होंने अपनी उपस्थिति से आयोजन की शोभा बढ़ाई।
उद्घाटन समारोह का आकर्षण उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (UOU) की टीम द्वारा किया गया ‘फ्लैग मार्च’ (मार्च पास्ट) रहा। सामान्यतः अंतर विश्वविद्यालय खेल प्रतियोगिता में संस्थागत विश्वविद्यालय ही प्रतिभाग करते हैं परंतु इस बार उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों ने अत्यंत अनुशासन, एकता और ऊर्जा के साथ मार्च पास्ट करते हुए मुख्य अतिथि को सलामी दी।
विश्वविद्यालय के गौरवशाली ध्वज के साथ टीम के इस प्रदर्शन को उपस्थित जनसमूह और उपराज्यपाल ने भी सराहा। मुक्त विश्वविद्यालय के छात्रों महिपाल तथा विक्रम सिंह 800 मीटर की दौड़ में प्रतिभा किया। खेल के प्रति छात्रों का यह समर्पण और दूरस्थ एवं मुक्त शिक्षा होने तथा कम समय अवधि के बावजूद टीम वर्क पूरे समारोह के दौरान चर्चा का केंद्र बना रहा।
अपने संबोधन के दौरान राज्यपाल गुरमीत सिंह ने पंतनगर विश्वविद्यालय की इस ऐतिहासिक भूमि पर खेल महाकुंभ के सफल आयोजन की प्रशंसा की। उन्होंने युवाओं के जीवन में खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि नेतृत्व क्षमता और सुदृढ़ चरित्र का भी निर्माण करते हैं।
कार्यक्रम में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के प्रयासों की विशेष रूप से सराहना की, जो शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ अपने विद्यार्थियों को खेलकूद और पाठ्येतर गतिविधियों में भी निरंतर आगे बढ़ने के अवसर प्रदान कर रहा है। यह उद्घाटन समारोह उत्तराखंड के शैक्षणिक संस्थानों के बीच आपसी भाईचारे और खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुआ है।










