दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपना लगातार नौवां बजट पेश किया। इस बजट में वित्त मंत्री ने बायो फार्मा शक्ति की घोषणा की, जिसमें अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। टेक्नोलॉजी सेक्टर में सरकार सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 शुरू करेगी और इंडस्ट्री‑लैड रिसर्च पर फोकस करेगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) के लिए बड़े कदमों का ऐलान किया। सरकार ने कहा कि देश की आर्थिक शक्ति केवल बड़े उद्योगों से नहीं, बल्कि छोटे और उभरते उद्योगों से बनती है। इसी को ध्यान में रखते हुए MSME सेक्टर के लिए विशेष फंड, इंसेंटिव और नई सहायता योजनाओं की घोषणा की गई।
सबसे बड़ा ऐलान SME ग्रोथ फंड के लिए 10,000 करोड़ रुपये के प्रावधान का है. यह फंड उभरते उद्योगों को पूंजी उपलब्ध करवाएगा, ताकि वे विस्तार, मशीनरी, टेक्नोलॉजी और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ सकें।सरकार ने कहा कि इन फंड्स को इस तरह डिजाइन किया गया है कि छोटे उद्योगों की रफ्तार देश की ग्रोथ का इंजन बने।
इसके साथ ही आत्मनिर्भर भारत निधि में अतिरिक्त 2,000 करोड़ रुपये का टॉप‑अप देने की घोषणा हुई है। इसका उद्देश्य माइक्रो यूनिट्स, छोटे ट्रेडर्स और नए उद्यमियों को आसानी से पूंजी उपलब्ध कराना है। वित्त मंत्री के अनुसार, अब तक 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि MSME क्षेत्र को दी जा चुकी है, और अब इसका दायरा और बढ़ाया जा रहा है। वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि MSME को उनकी पूरी क्षमता तक पहुंचाने के लिए सरकार चार बड़े कदम उठा रही है।
सरकार ने यह भी ऐलान किया कि टियर‑2 और टियर‑3 शहरों में बड़े टेक्सटाइल पार्क बनाए जाएंगे। इसका उद्देश्य छोटे शहरों में रोजगार बढ़ाना और भारत के टेक्सटाइल क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुकूल बनाना है। साथ ही, सरकार ICMAI, ICAI और ICSI जैसे संस्थानों की मदद से MSME के लिए सस्ती पेशेवर सहायता उपलब्ध कराएगी, जिससे छोटे उद्यम कम लागत में नियमों का पालन कर सकें।






