हल्द्वानी। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा समस्त किसानों को सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने एवं उनकी पहचान को डिजिटल रूप देने के लिए किसानों का पंजीकरण हेतु कुमाऊ मण्डल के कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर सचिव कृषि रंजना राजगुरू ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रतिभाग किया गया।
प्रशिक्षण में एग्रीस्टैक योजना के अन्तर्गत राज्य के समस्त किसानों की एक डिजिटल आईडी तैयार किये जाने हेतु उपनिदेशक राजस्व परिषद सुरेश चन्द्र सिंह, भारत सरकार के प्रतिनिधि चिन्मय मेहता, सलाहकार हर्षद पटेल द्वारा एक दिवसीय फार्मर रजिस्ट्री का प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण में बताया गया कि देश के समस्त किसानों को सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने एवं उनकी पहचान को डिजिटल रूप देने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा फार्मर रजिस्ट्री कर एक डाटाबेस बनाया जायेगा। जिसमें किसानों का पंजीकरण कराकर डिजिटल पहचान प्राप्त कर सकते हैं। पंजीकरण के पश्चात किसानों को एक यूनिक डिजिटल पहचान मिलेगी जो ई-केवाईसी और फील्ड वेरीफिकेशन के पश्चात जनरेट होगा।
किसानों का पंजीकरण करने के पश्चात किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की आर्थिक सहायता प्रदान करना सरकारी योजनाओं में पारदर्शी रूप से कृषकों को समय से लाभ पहुचाना किसानों को आधुनिक तकनीक एवं डिजिटल उपकरणों की जानकारी प्रदान करना, कृषकों को आपदा राहत, कृषि सब्सिडी, फसल ऋण एवं विभिन्न बीमा योजनाओं से लाभ पहुंचाने के साथ ही कृषि योजनाओं एवं किसान कल्याण कार्यक्रमों का अनुश्रवण एवं मानिटरिंग की जायेगी।
प्रशिक्षण में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल उपजिलाधिकारी राहुल साह, अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र नेगी,अपर आयुक्त जीवन सिंह नगन्याल, मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु टम्टा के साथ ही कुमाऊ मण्डल के सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।





