दिल्ली। वक्फ बिल पर JPC की रिपोर्ट राज्यसभा में पेश की गई। इस दौरान विपक्ष का हंगामा जारी रहा। कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ‘ऐसी फर्जी रिपोर्ट को हम नहीं मानेंगे, इस बिल को JPC में दोबारा भेजा जाए।’
खरगे ने कहा, ”वक्फ बोर्ड पर जेपीसी रिपोर्ट में कई सदस्यों की असहमति है। उन नोट्स को हटाना और हमारे विचारों को दबाना ठीक नहीं है। यह लोकतंत्र विरोधी है।
असहमति रिपोर्ट को हटाने के बाद जो भी रिपोर्ट पेश की गई है, मैं उसकी निंदा करता हूं। हम ऐसी फर्जी रिपोर्ट को कभी स्वीकार नहीं करेंगे। अगर रिपोर्ट में असहमति के विचार नहीं हैं, तो उसे वापस भेजकर दोबारा पेश किया जाना चाहिए।”
राज्यसभा में विपक्ष ने वक्फ (संशोधन) विधेयक पर संयुक्त समिति की रिपोर्ट पेश किए जाने का विरोध किया। सरकार पर उनके असहमति नोटों को सेंसर करने का आरोप लगाया।
हंगामे की वजह से सभापति जगदीप धनखड़ ने सदन की कार्यवाही रात 11:20 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इसके बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। राज्यसभा में वक्फ बिल पर JPC की रिपोर्ट पेश की गई। इस दौरान विपक्ष का हंगामा जारी रहा। हंगामे पर बीजेपी सांसद नड्डा ने कहा कि सदन की परंपरा का ध्यान रखें।
कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने अदाणी समूह से संबंधित एक खबर को लेकर लोकसभा में हंगामा किया। इसके कारण सदन की कार्यवाही शुरू होने के लगभग पांच मिनट बाद दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य नारेबाजी करने लगे। नारेबाजी के बीच ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू कराया। जलशक्ति मंत्रालय से संबंधित कुछ पूरक प्रश्न पूछे गए।
स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों से नारेबाजी बंद करने और कार्यवाही चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘आप प्रश्नकाल के दौरान नियोजित तरीके से गतिरोध करते हैं। यह अच्छी परंपरा नहीं है। आप (कांग्रेस) ने इतने साल शासन किया है। आप सदन में व्यवधान पैदा करना चाहते हैं।’’
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले डीएमके सांसद मोहम्मद अब्दुल्ला ने कहा, ”हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे। यह शुरू से ही हमारा रुख रहा है। हमारे असहमति नोटों के कुछ हिस्से जेपीसी रिपोर्ट से हटा दिए गए थे।”






