दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में नया आयकर बिल पेश की। इसकी घोषणा 1 फरवरी को ही की गई थी। यह विधेयक मौजूदा आयकर कानून से काफी अलग और सरल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। नए विधेयक का उद्देश्य टैक्स फाइलिंग प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाना है।
सदन में विधेयक पेश करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि इसमें कानूनी शब्दों की संख्या को कम किया गया है और इसे करदाताओं के लिए अधिक सरल और उपयोगी बनाया गया है। इससे जुड़ी कई अहम जानकारियां भी सामने आ चुकी हैं, जिन्हें जानना टैक्सपेयर्स के लिए बेहद जरूरी है।
1961 में बना आयकर अधिनियम अब काफी पुराना हो चुका है और इसमें समय-समय पर हुए संशोधनों के कारण यह बहुत जटिल बन गया है। इसके चलते आयकर के कानूनी विवाद और मुकदमे लगातार बढ़ रहे हैं। नए आयकर कानून में इसे सरल और डिजिटल बनाने पर जोर दिया गया है।
नए आयकर कानून का ड्राफ्ट पहले ही जारी हो चुका है। यह 622 पन्नों में 298 सेक्शनों के साथ तैयार किया गया है। इसका सीधा असर टैक्सपेयर्स पर पड़ेगा। संसद में इस ड्राफ्ट पर चर्चा के बाद ही इसे लागू किया जाएगा।
नए बिल में टैक्स चोरी करने वालों पर कड़े प्रावधान लाए गए हैं। जानबूझकर टैक्स छिपाने वालों की संपत्ति जब्त की जा सकती है, खाते सीज किए जा सकते हैं और जुर्माना व अधिक ब्याज भी वसूला जा सकता है।
नए बिल में किसानों की आय को कुछ शर्तों के तहत कर-मुक्त रखा जाएगा। राजनीतिक दलों और इलेक्टोरल ट्रस्ट को भी टैक्स छूट मिलेगी। धार्मिक ट्रस्ट और दान की गई राशि पर भी कर राहत जारी रहेगी।






