हल्द्वानी। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू), हल्द्वानी एवं यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आर.एस. टोलिया उत्तराखंड प्रशासन अकादमी, नैनीताल द्वारा संयुक्त रूप में आयोजित आपदा प्रबंधन विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने विद्यालयों में आपदा प्रबंधन की तैयारी को लेकर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।
प्रथम सत्र “सुरक्षित पर्वतीय क्षेत्र व्यवहारिक अभ्यास” विषय पर केंद्रित रहा, जिसे राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (NIDM), नई दिल्ली के प्रो. सूर्य प्रकाश ने संबोधित किया। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में भूकंप, भूस्खलन जैसी आपदाओं के जोखिम को देखते हुए विद्यालयों में पूर्व तैयारी और सुरक्षित व्यवहार की आवश्यकता पर जोर दिया।
द्वितीय सत्र में “विद्यालय आपदा प्रबंधन कार्ययोजना“ पर विस्तृत चर्चा की गई। इसमें विद्यालय आपदा प्रबंधन कार्ययोजना (SDMAP) की संरचना, जोखिम आकलन, संसाधन मानचित्रण और निकासी योजना की रूपरेखा समझाई गई।
विद्यालय एवं संस्थागत सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना के गठन विषय पर “प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण” कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था विकसित करना था। कार्यक्रम का संचालन आर. एस. राणा द्वारा किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को संस्थागत सुरक्षा, जोखिम आकलन, संभावित खतरों की पहचान तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना तैयार करने की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में आपदा पूर्व तैयारी, आपातकालीन स्थिति में समन्वय, सुरक्षित निकासी (Evacuation) प्रक्रिया, मॉक ड्रिल तथा सामुदायिक जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष बल दिया गया।
संचालक आर. एस. राणा ने बताया कि आपदा संभावित क्षेत्रों में शैक्षणिक संस्थानों के लिए सुदृढ़ आपदा प्रबंधन ढांचा अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशिक्षित प्रशिक्षक आगे अन्य शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देकर संस्थानों में सुरक्षा और सजगता की संस्कृति विकसित कर सकते हैं।
कार्यक्रम निदेशक,आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ, डीआरएस टीयूएओए, नैनीताल, डॉ. ओम प्रकाश ने बताया यह कार्यक्रम शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करने तथा आपदा के समय प्रभावी एवं त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। प्रशिक्षण सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक जारी रहा।
प्रशिक्षण में 30 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए विद्यालय स्तर पर आपदा प्रबंधन योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रभा ढौंडियाल एवं डॉ. नेहा तिवारी ने किया।
इस अवसर पर डॉ. एच. सी. जोशी, प्रो. कमल देवलाल, डॉ. बीना तिवारी फुलारा, डॉ. प्रीति पंत, डॉ. खष्टी डसीला, डॉ. प्रियंका एवं विभिन्न विभागों के प्राध्यापक एवं सहायक प्राध्यापक उपस्थित रहे।








