पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को जाफर एक्सप्रेस ट्रेन पर हुए आतंकी हमले पर दुख और सदमा व्यक्त करते हुए कहा, इस तरह की कायराना हरकतें शांति के लिए पाकिस्तान के संकल्प को कमजोर नहीं कर पाएंगी। नवाज शरीफ ने कहा, मैंने बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती से बात की है। उन्होंने बताया है कि बीएलए आतंकवादियों को नरक भेज दिया गया है।
उधर, सीएनएन के मुताबिक, पाकिस्तान में सेना और बलूच विद्रोहियों के बीच हुई खूनी झड़प खत्म हो गई है। बलूचिस्तान प्रांत में एक ट्रेन को अगवा करने वाले विद्रोहियों से करीब 350 बंधकों को छुड़ा लिया गया है। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, BLA ने 27 बंधकों और एक सैनिक को मार डाला। बचाव अभियान में कम से कम 35 बलूच विद्रोही मारे गए हैं।
नौ डिब्बों में लगभग 500 यात्रियों को लेकर जाफर एक्सप्रेस क्वेटा से पेशावर जा रही थी, तभी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने गुडालार और पिरू कोनेरी के बीच एक सुरंग में उस पर गोलियां चला दीं। इसके बाद जमकर कत्लेआम मचाया है। अब तक 100 से ज्यादा बंधकों के मारे जाने की खबरें आ रही हैं। इनमें से ज्यादातर पाकिस्तानी सेना के जवान और खुफिया विभाग के अधिकारी हैं।
इसके बाद नवाज शरीफ ने एक्स पर लिखा, मुख्यमंत्री सरफराज बुगती से बात की जिन्होंने मुझे जाफर एक्सप्रेस पर हुए जघन्य आतंकवादी हमले की लेटेस्ट रिपोर्ट दी। पूरा देश इस कायराना हरकत से सदमे में है और निर्दोष लोगों की जान जाने से दुखी है। इस तरह की कायराना हरकतें शांति के लिए पाकिस्तान के संकल्प को कमजोर नहीं कर पाएंगी। मैं शहीदों के परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं। अल्लाह उन्हें जन्नत में सर्वोच्च स्थान प्रदान करे और घायलों को शीघ्र स्वस्थ करें। दर्जनों आतंकवादियों को नरक भेज दिया गया है।
इस बीच, पाकिस्तानी अधिकारियों ने दावा किया कि ऑपरेशन खत्म हो गया है। सभी विद्रोही मार गिराए गए हैं। हालांकि, बंधक बनाए गए कुछ लोग मारे गए। इससे पहले दिन में बीएलए ने 50 और पाकिस्तानी सैनिकों को मारने की पुष्टि की था। बीएलए ने दावा किया था कि अभी भी लगभग 150 बंधक उनकी हिरासत में हैं।
बीएलए का बड़ा दावा-
बीएलए ने अपने बयान में कहा, हमने पाकिस्तानी सरकार को कैदियों की अदला-बदली के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। हालांकि, पाकिस्तान की ज़िद, उदासीनता और लगातार देरी करने की रणनीति साबित करती है कि पाकिस्तान अपने ही सैन्यकर्मियों की जान बचाने के बारे में गंभीर नहीं है। वह पाखंड कर रहा है, हमारी बातों की उपेक्षा कर रहा है।







