हल्द्वानी। यात्री वाहनों का पंजीकरण कराने वाले बाहरी लोगों का अब पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। अब तक केवल मकान मालिक से पता का किरायानामा बनवाकर वाहनों का पंजीकरण कराने वालों के लिए यह निर्देश जारी हो चुका है। फिलहाल इसे यात्री व बड़े वाहनों के लिए आवश्यक किया गया है।
जनपद में डंपर के अलावा टैक्सी में हर माह में अच्छी खासी संख्या में वाहनों का पंजीकरण हो रहा है। पहले नियम लचर था तो आसानी से बाहरी लोग भी अपने वाहनों का पंजीकरण कराकर व्यवसाय करते थे। यह पता नहीं चल पाता था कि पंजीकृत वाहन किरायेदारी का सत्यापन पहले कराया या नहीं, रिपोर्ट लगते ही पता चल जाएगा।
नियम यह है कि मकान देने से पहले किरायेदार का सत्यापन पुलिस विभाग से जरूर करा लिया जाए। आमतौर पर ऐसा होता नहीं है। किराये के लालच में मकान दे दिया जा रहा है। यदि किरायेदार को कोई यात्री वाहन लेना है और उसने किरायानामा लगा दिया तो यह भी पता चल जाएगा कि मकान मालिक ने सत्यापन कराया है या नहीं। यानी जब वाहन लेने का इच्छुक जब अपने थाने से सत्यापन रिपोर्ट देगा तो स्थिति साफ होगी कि उसका सत्यापन पहले नहीं हुआ है।
यात्री वाहनों का पंजीकरण यदि उत्तराखंड से बाहर के लोग कराते हैं तो उन्हें किरायानामा के साथ ही पुलिस वेरिफिकेशन की रिपोर्ट भी देनी होगी। इसमें स्पष्ट होना चाहिए उनके खिलाफ थाने या जिले में कोई मुकदमा तो नहीं है। यदि किरायेनामा के साथ ही रिपोर्ट है, तो यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि मकान मालिक ने पहले ही सत्यापन कराया है।





