दिल्ली। मोदी सरकार ने नए साल में केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। केंद्र ने आठवें वेतन आयोग के गठन के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। सरकार के इस फैसले से हजारों कर्मचारियों को फायदा होगा।
बता दें कि सातवें वेतन आयोग का टर्म साल 2026 में समाप्त हो रहा है। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने आठवें वेतन आयोग को गठित करने का फैसला लिया है। इसके अलावा केंद्रीय कैबिनेट ने 3,985 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले तीसरे लॉन्च पैड को भी मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले से स्पेस रिसर्च की मुहिम को और रफ्तार मिलने की संभावना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ा तोहफा देने का ऐलान किया है। दरअसल, सातवें वेतन आयोग का टर्म साल 2026 में समाप्त हो रहा है। ऐसे में सरकार ने आठवें वेतन आयोग की तैयारियां अभी से ही शुरू कर दी हैं। कैबिनेट ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए आठवें वेतन आयोग के गठन को अपनी मंजूरी दे दी है। इसके लिए राज्य सरकारें, PSU आदि से विचार-विमर्श किया जाएगा। आठवें वेतन आयोग के अध्यक्ष और दो सदस्यों के नाम का भी जल्द ही ऐलान कर दिया जाएगा।
बता दें कि 7वां पे कमीशन 2016 में गठित हुआ था। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि आठवां वेतन आयोग 2026 से लागू होगा, ऐसे में समय रहते सुझाव, सिफारिशें आदि के लिए इसका गठन जल्द करने का फैसला लिया गया है।
अश्विनी वैष्णव ने केंद्रीय कैबिनेट के फैसलों के बारे में बताते हुए श्रीहरिकोटा में तीसरे लॉन्च पैड को मंजूरी देने की जानाकारी भी दी। उन्होंने बताया कि तीसरा लॉन्च पैड नया और आधुनिक होगा। नया लॉन्च पैड नेक्स्ट जेनरेशन लॉन्च व्हीकल के लिए काफी मददगार और सहूलियत वाला होगा। इस लॉन्च पैड पर रॉकेट को हॉरिजोंटल (लिटाकर) असेंबल करके वापस सीधा खड़ा किया जा सकेगा। इसके निर्माण पर कुल मिलाकर 3985 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसकी कैपेसिटी पहले के दो लॅन्च पैड से ज्यादा होगी।
केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि नए लॉन्च पैड को अगले 30 साल को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। सबसे बड़ी बात यह है कि मानव चंद्रमा मिशन में भी इस लॉन्च पैड का इस्तेमाल किया जाएगा। नए लॉन्च पैड को 48 महीनों यानी 4 साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।






