प्रयागराज। मकर संक्रांति पर्व पर अखाड़ों का अमृत स्नान शुरू हो गया है। आज देश के कोने-कोने से आए लाखों श्रद्धालु भी आस्था के महाकुंभ में डुबकी लगाएंगे। अखाड़ों का अमृत स्नान करीब साढ़े नौ घंटे तक चलेगा।महाकुंभ 2025 का पहला अमृत स्नान मकर संक्रांति के पावन अवसर पर महानिर्वाणी पंचायती अखाड़े द्वारा त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाने के साथ शुरू हुआ। आज क्रमवार सनातन धर्म के 13 अखाड़ों के साधु-संत संगम में पवित्र डुबकी लगाएंगे।
संगम नगरी प्रयागराज में सनातन आस्था के महापर्व महाकुंभ का दिव्य भव्य शुभारंभ सोमवार, 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ हुआ। पौराणिक मान्यता के अनुसार, महाकुंभ का पहला अमृत स्नान 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर विधि-विधान से होता है।
अमृत स्नान के लिए सोमवार रात से ही तैयारियां की जा रही थीं।14 जनवरी को अखाड़ों के अध्यक्ष, मंडलेश्वर, महामंडलेश्वर, महंत और अन्य पदाधिकारी रथों पर हाथी, घोड़ों के साथ निकले। नागा साधु-संन्यासी धूनी रमा कर, अपने अस्त्र-शस्त्र, ध्वजा, ढोल-नगाड़े, डमरू लेकर अमृत स्नान की शोभा यात्रा में शामिल हुए।
महाकुंभ के अमृत स्नान का सनातन आस्था में विशेष महत्व है। अनादि काल से साधु, संन्यासियों और श्रद्धालुओं की महाकुंभ के अमृत काल में संगम स्नान करने की परंपरा रही है। आदि शंकराचार्य की प्रेरणा से बने अखाड़े महाकुंभ में दिव्य शोभा यात्रा के साथ अमृत स्नान करते हैं। मान्यता के अनुसार, मकर संक्रांति के पर्व पर महाकुंभ का पहला अमृत स्नान होता है। परंपरा के अनुसार, सभी अखाड़े अपने-अपने क्रम से अमृत स्नान करते हैं।
मेला प्रशासन ने भी पहले अमृत स्नान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। अखाड़ों के आने का क्रम, उनका मार्ग, स्नान का घाट और समय आदि निर्धारित कर दिया गया है। अखाड़ों के मार्ग में बैरिकेड लगा दिए गए हैं ताकि किसी तरह की भगदड़ न होने पाए। मेला क्षेत्र के सभी थानों और पुलिस कर्मियों को दिशानिर्देश जारी किए जा चुके हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वॉच टॉवर और आईसीसी कंट्रोल रूम से अमृत स्नान की शोभा यात्रा की निगरानी करेंगे।
सीएम योगी के निर्देशों के मुताबिक, मेला प्रशासन अमृत स्नान काल में साधु-संन्यासियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा करवाएगा।







