हरिद्वार। उत्तराखंड विजिलेंस की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हरिद्वार में एक आंगनबाड़ी सुपरवाइजर को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी सुपरवाइजर राखी सैनी को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रोशनाबाद स्थित जिला मुख्यालय से पकड़ा गया। यह रिश्वत एक आंगनबाड़ी सहायिका के लंबे समय से रुके हुए प्रमोशन को क्लीयर करने के नाम पर मांगी गई थी।
जानकारी के अनुसार, राखी सैनी रुड़की क्षेत्र में आंगनबाड़ी सुपरवाइजर के पद पर तैनात हैं। इसी क्षेत्र की एक सहायिका का पदोन्नति मामला काफी समय से लंबित चल रहा था, जिसे राखी सैनी जानबूझकर टाल रही थीं। जब सहायिका ने इस संबंध में बात की, तो सुपरवाइजर ने काम के बदले 50 हजार रुपये की मांग रखी। सहायिका रिश्वत देने के पक्ष में नहीं थी, इसलिए उसने विजिलेंस हेल्पलाइन 1064 पर शिकायत दर्ज करा दी।विजिलेंस ने शिकायत की प्राथमिक जांच में आरोपों को सही पाया और तुरंत एक ट्रैप टीम तैयार की।
बुधवार को योजना के अनुसार, जैसे ही सहायिका ने रोशनाबाद कार्यालय में राखी सैनी को रिश्वत की रकम थमाई, पहले से घात लगाकर बैठी विजिलेंस टीम ने उन्हें रंगेहाथ दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के घर पर भी छापेमारी की गई, जहां से टीम को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं।
विजिलेंस के अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत यह कार्रवाई की गई है। आरोपी सुपरवाइजर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या इस मामले में विभाग के कुछ अन्य अधिकारी भी शामिल हैं। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की रिश्वत की मांग होने पर तुरंत हेल्पलाइन पर सूचना दें।










