दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को बजट पर चर्चा के दौरान पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि तृणमूल ने राज्य में भ्रष्टाचार को संस्थागत रूप दे दिया है।
उन्होंने कहा कि तृणमूल ने संस्थानों को बर्बाद कर दिया है और वह शोषण का पर्याय बन चुकी है। लोकसभा में केंद्रीय बजट 2025-26 पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस शासित राज्य में मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार है। आम लोगों की कीमत पर इसके कार्यकर्ता फल-फूल रहे हैं।
वित्त मंत्री ने कहा, यह विडंबना है कि तृणमूल कांग्रेस जो खुद को जमीनी स्तर पर आधारित पार्टी बताती है। अब लोगों का शोषण और उनके अधिकारों को छीनने का प्रतीक बन गई है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री आवास योजना को 2016-17 से लागू किया जा रहा है और केंद्र सरकार ने इस योजना के तहत 25,798 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस योजना के तहत अपात्र परिवारों को घर आवंटित करने की शिकायतें मिली हैं।
उन्होंने कहा कि मनरेगा में भी भ्रष्टाचार की शिकायतें मिली हैं। मनरेगा के तहत 25 लाख फर्जी जॉब कार्ड बनाए गए हैं। लोगों के लिए आवंटित धन टीएमसी के कार्यकर्ताओं द्वारा लूटी जा रही है।
उन्होंने कहा, टीएमसी ने हम पर वित्तीय नाकेबंदी के आरोप लगाए हैं। लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने भ्रष्टाचार को संस्थागत बना दिया है, संस्थानों को खत्म कर दिया है और तृणमूल शोषण का पर्याय बन गई है।
भ्रष्टाचार के अन्य उदाहरणों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 100 करोड़ रुपये का मिड-डे मील घोटाला हुआ है। पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था की खराब सेहत के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि पूंजी निर्माण 2010 में 6.7 प्रतिशत से गिरकर हाल के वर्षों में 2.9 प्रतिशत पर आ गया है। यह निवेश के प्रति आपकी शत्रुता का सीधा परिणाम है। राज्य में न तो नौकरियां हैं, न ही कारखाने हैं और न ही कोई दूरदृष्टि है।
उन्होंने कहा कि एक समय भारत का औद्योगिक केंद्र (1947 में औद्योगिक उत्पादन में 24 प्रतिशत की हिस्सेदारी) बंगाल अब 2021 में 3.5 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ विनिर्माण में बहुत पीछे है। बंगाल की प्रति व्यक्ति आय वृद्धि 20 वर्षों से राष्ट्रीय औसत से पीछे है। 2021-22 में 23वें स्थान पर पहुंच गई।






