दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज (31 जनवरी) संसद में 2024-25 का आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेंगी। यह सर्वे देश की अर्थव्यवस्था के मौजूदा हालात का आकलन करेगा और आगामी चुनौतियों की पहचान करेगा। साथ ही, यह आर्थिक सुधारों और विकास की संभावनाओं की रूपरेखा भी प्रस्तुत करेगा।
आज संसद के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ बजट सत्र 2025 की शुरुआत होगी। इसके अगले दिन, यानी 1 फरवरी को केंद्रीय आम बजट पेश किया जाएगा। इसके बाद, सोमवार से लोकसभा और राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा शुरू होगी।
मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन के नेतृत्व में तैयार की गई आर्थिक समीक्षा देश की आर्थिक स्थिति का विश्लेषण करेगी। इसमें धीमी आर्थिक वृद्धि, रुपये की गिरती विनिमय दर और उपभोक्ता मांग में कमी जैसी चुनौतियों का आकलन किया जाएगा। साथ ही, यह रिपोर्ट अगले वित्तीय वर्ष के लिए नीतिगत दिशा भी तय करेगी। समीक्षा में गरीबी उन्मूलन, जलवायु परिवर्तन, शिक्षा, बुनियादी ढांचे के विकास और वित्तीय क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी। हर साल की तरह इस बार भी इसमें कुछ नए और दूरगामी विचार शामिल होने की संभावना है।
बजट सत्र दो चरणों में होगापहला चरण 31 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा।दूसरा चरण 10 मार्च से 4 अप्रैल तक होगा।
पहले चरण में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस होगी, जिसके अंत में प्रधानमंत्री जवाब देंगे। हालांकि, सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना है। विपक्ष प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान भगदड़ की घटना को लेकर सरकार को घेर सकता है।
2025 में बिहार और अगले साल असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में इस बजट में इन चुनावी राज्यों को लेकर विशेष घोषणाएं होने की संभावना है। बिहार के लिए कुछ बड़े ऐलान होने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
सरकार बजट सत्र में कुल 16 बिल पेश करने की योजना बना रही है। इनमें वक्फ संशोधन विधेयक, इमिग्रेशन और फॉरेनर्स बिल, और वित्तीय मामलों से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिल शामिल हैं। सरकार ने संसद को सुचारु रूप से चलाने के लिए विपक्ष से सहयोग की अपील की है।






