नई दिल्ली। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा राष्ट्रपति ने मंजूर कर लिया है। वहीं उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।नीट पेपर लीक के बाद देशभर में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के चलते आज शनिवार, 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। अब प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
प्रह्लाद जोशी पहले से केंद्र सरकार में उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय संभाल रहे थे, अब वे शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।
पेपर लीक के खिलाफ हुए पूरे आंदोलन के दौरान सरकार और भाजपा दोनों को जेनजी के साथ संवादहीनता का अहसास हुआ। इंस्टाग्राम पर कॉकरोच जनता पार्टी के पेज से व्यंग के रूप में शुरू हुए मुहिम के दो महीने के भीतर बड़े आंदोलन में बदल जाने के बारे में किसी ने सोचा भी नहीं था।
20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान बड़ी संख्या में जेनजी की मौजूदगी और उसम व गर्मी के बीच जंतर-मंतर पर डटे रहने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने गुरूवार को इंस्टाग्राम पर रील डालकर इंस्टाग्राम पर उनसे सीधा संवाद स्थापित किया। जिसमें उन्होंने पेपर लीक के खिलाफ कड़े कानून बनाने और दोषियों को सजा देने का एलान किया।
जेनजी के फ्रेंड्स के संबोधित करते हुए दोस्ती का हाथ बढ़ाया और परीक्षा की पूरी प्रणाली को चुस्त-दुरुस्त बनाने का भी भरोसा दिया। वहीं इस पूरे घटनाक्रम के बाद आज धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया।






