देहरादून। गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने संसद में उत्तराखंड की आपदा को लेकर इस अंदाज में अपने विचार रखे कि हर तरफ उसकी चर्चा हो रही है। सांसद बलूनी ने गढ़वाली मुहावरे के साथ उत्तराखंड और आपदा के बारे में बताया है उन्होंने कहा है कि उत्तराखंड और आपदाओं का साथ चोली दामन वाला है।
संसद में गढ़वाल सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुखअनिल बलूनी ने गढ़वाली मुहावरे लगोंदु मांगल, त औंदी रुवे/ नि लगौंदूं मांगल, त असगुन ह्वे। यानी अगर मंगल गीत गाऊं, तो रोना आता है। और ना गाऊं तो अशुभ होता है के जरिए उत्तराखंड की आपदाओं का जिक्र किया है।
सांसद बलूनी ने कहा कि आपदा और उत्तराखंड का चोली-दामन जैसा साथ है। गर्मी हो, बरसात हो या फिर सर्दी हर मौसम में राज्य की जनता अलग-अलग प्रकार की आपदाओं से जूझती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता हर मौसम में आपदा से जूझती है इसलिए इस से संबंधि एक विशेष नीति बनाने की जरूरत है।






